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Kidney Bean Cultivation: राजमा की खेती कर किसान कमा सकते है लाखों, जानिए इसकी खेती का उन्नत तरीका

Kidney Bean Cultivation: राजमा की खेती कर किसान कमा सकते है लाखों, जानिए इसकी खेती का उन्नत तरीका, भारत के किसान उन्नत तरिके से राजमा की खेती करके अच्छी कमाई कर रहे है। ऐसे में उत्तराखंड में कई किसानों ने राजमा की खेती को कमाई का जरिया बना लिए है। राजमा में कई पोषक तत्व भरपूर होता है इसलिए इसकी मांग बाजार में सब्से ज्यादा रहती है। इसकी खेती करके किसान डबल कमाई कर सकते है। इसकी खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद होती है. इसकी खेती के लिए अगर उन्नत किस्म का इस्तेमाल करते है तो अच्छी पैदावार के साथ अच्छा पैसा कमा सकते हैं। आइए जानते है राजमा की खेती के बारे में.

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राजमा की उन्नत किस्में

राजमा की सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली किस्म है। राजमा की उन्नत किस्में- पी.डी. आर-14, मालवीय-137, वी. एल अच्छी होती है। भारत में राजमा की कई किस्मों का उत्पादन किया जाता है। इस किस्म की उपज सर्वाधिक होती है।

खेती के लिए मिट्टी

राजमा की खेती के लिए दोमट तथा हल्की दोमट भूमि अधिक उपयुक्त मानी जाती है। इसकी खेती के लिए पानी के निकास की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। प्रथम जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से तथा 2-3 जुताई देशी हल या कल्टीवेटर से करने पर खेत तैयार हो जाता है।

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खेती के लिए समय और जलवायु

राजमा की खेती रबी ऋतु में की जाती है। यह एक दलहनी फसल है इसलिए इसकी खेती के लिए उपयुक्त समय निर्धारित किया जाता है। इसकी खेती के लिए अक्टूबर माह में बुवाई की जाती है। जमा की अच्छी पैदावार हेतु 10 से 27 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान की आवश्यकता पड़ती है।

राजमा की खेती की तैयारी

  • राजमा की खेती लगभग मूंगफली की खेती तरह ही की जाती है।
  • इसकी खेती के लिए मिट्टी की 2 से 3 बार गहरी जुताई करें।
  • बुवाई से पहले गोबर या कंपोस्ट एक हेक्टर में 10 से 15 टन डाल के मिट्टी में मिलाये।
  • ताकि मिट्टी में फास्फोरस, पोटाश, एवं नाइट्रोजन तत्व शामिल हो जाये।
  • इसके बाद खेत की अच्छे से सिंचाई करे
  • अब एक कतार में पौधों की दूरी 15 सें०मी० पर बुआई करें।
  • इसके बाद समय-समय पर मिट्टी में उर्वरक खाद डालें।
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